7 February 2023

bebaakadda

कहो खुल के

राम कृष्ण मिशन (देवघर)

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सैर करना है तो देवघर (झारखंड) आइए
रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ उच्च स्तरीय शिक्षा का अलख जगा रहा है
स्वामी विवेकानंद के उद्देश्य का मूर्त रूप देवघर (झारखंड) का रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ है. करीब 100 वर्षों से उच्च स्तरीय शिक्षा का अलख रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ जलाए हुए है. बिहार, झारखंड व बंगाल के अलावा देश की विभिन्न हिस्सों से यहां पर्यटक घूमने के लिए आते हैं. सर्दी का मौसम अक्टूबर से जनवरी के बीच यहां पर्यटकों की ज्यादा भीड़ होती है. देवघर आने वालों के लिए रेल मार्ग अथवा सड़क मार्ग सुगम साधन है. रेल मार्ग से आने के लिए लोगों को पटना-हावड़ा मुख्य मार्ग स्थित जसीडीह रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा. रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ की करीब 10 किलोमीटर कि दूरी ऑटो अथवा रिजर्व वाहन से पूरी कर सकते हैं. पटना अथवा रांची से सड़क मार्ग द्वारा आने वाले लोगों को 240 से 260 किलोमीटर की दूरी तय कर करना पड़ेगा. भविष्य में वायु मार्ग से देवघर पहुंचना आसान हो जाएगा. इसकी तैयारी चल रही है.

विशेषता : वर्ष 1922 में स्थापित रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ 32 एकड़ भू-भाग में फैला हुआ है. इस बड़े भू-भाग में ना सिर्फ प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उजाला फैला रहा है. बल्कि विवेकानंद बाल केंद्र, कम्युनिटी कंप्यूटर सिस्टम सेंटर, आउटडोर डिस्पेंसरी के जरिए जन-जन को सेवा देने का काम अनवरत जारी है. यहां का ट्राइबल म्यूजियम के मध्यम से आदिवासियों की परंपरा, रीति रिवाज का जीवंत चित्रण लोगों को खूब प्रभावित व आकर्षित करती है.
सेवाएं : देवघर एवं मोहनपुर प्रखंड के करीब एक दर्जन गांव में नॉन फॉर्मल एजुकेशन के तहत क्लास 1 से दसवीं तक के जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा देने का काम विद्यापीठ प्रबंधन कर रहा है. यही नहीं यहां के ग्रामीणों के बीच ठंड के मौसम में गर्म कपड़े का वितरण किया जाता है.

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