27 June 2022

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कहो खुल के

आईएएस पूजा सिंघल को ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा

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आईएएस पूजा सिंघल को ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा

बेबाक अड्डा, रांची
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड की खनन व उद्योग सचिव पूजा सिंघल को ईडी ने 2 दिन की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. ईडी ने गिरफ्तार करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया. ईडी ने 12 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी. इसके बाद पूजा सिंघल को केंद्रीय कारा होटवार भेज दिया गया. गिरफ्तारी के पूर्व कार्यालय में पूजा सिंघल की मेडिकल जांच कराई गयी. ईडी ने पूजा सिंघल व उनके पति अभिषेक झा को प्रथम दृष्टया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संलिप्त पाया है. पूजा सिंघल के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन सिंह को भी 7 मई को ईडी ने गिरफ्तार किया था. रिमांड पर लेकर उनसे लगातार पूछताछ किया जा रहा है. गिरफ्तारी से पहले ईडी की छापेमारी में चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन सिंह के पास 19.31 करोड़ रुपया नकद बरामद किया था. ईडी ने पूजा सिंघल और उनके पति के ठिकानों पर छापेमारी कर अब तक 150 करोड़ से अधिक की संपत्ति और निवेश के कागजात को जप्त किया है. पूजा सिंघल पर 20 से अधिक सेल कंपनियां बनाकर उन के माध्यम से काला धन पाने का भी आरोप है. इससे पहले मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने पूजा सिंघल व अभिषेक झा के विदेश जाने पर रोक संबंधी पत्र भी सीबीआई को भेजा था. इसमें लुक आउट सर्कुलर जारी करने की मांग की गई थी. 
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ईडी को पूरे कार्यकाल के दौरान करोड़ों की हेरा फेरी की जानकारी मिली थी
 
झारखंड के खूंटी जिले के बहुचर्चित मनरेगा घोटाले में 18.06 करोड़ रुपया मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी की टीम को आईएएस पूजा सिंघल के कार्यकाल के दौरान करोड़ों की हेराफेरी की जानकारी मिली थी. उपायुक्त के पद पर रहते हुए पूजा सिंघल ने अपने कार्यकाल के दौरान 1.43 करोड़ रुपया अपने एवं अपने पति के खाते में मंगवाए थे. 
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कार्मिक ने अधिसूचना जारी कर पूजा सिंघल को निलंबित किया
आईएएस पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के बाद कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर उन्हें निलंबित कर दिया है. राज्य सरकार ने इसकी सूचना केंद्रीय कार्मिक विभाग को भी भेज दी है. 
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एक दशक के बाद कार्रवाई हुई, कैसे बीता समय
 
वर्ष 2010 : खूंटी जिले में 18 सितंबर 2010 को मनरेगा में 18.06 करोड़ की अनियमितता का मामला दर्ज किया गया था.
वर्ष 2011 : खूंटी जिला परिषद के तत्कालीन कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा के खिलाफ मनरेगा घोटाले के मामले में अलग-अलग कुल 16 प्राथमिकी दर्ज हुई थी.
वर्ष 2012 : ईडी के अनुसंधान में पता चला है कि पूजा सिंघल ने वर्ष 2007 से 2012 के दौरान तीन जिलों के उपायुक्त के कार्यकाल में अपने व अपने पति के खाते में 1.43 करोड़ रुपया मंगवाया था. लेकिन, झारखंड पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उनके खिलाफ कोई जांच नहीं की. 
वर्ष 2020 : 17 जून 2020 को कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया था.
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वर्ष 2022 के मई में हर रोज तेजी से बदल रहा है घटनाक्रम
 
6 मई : ईडी ने पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा के 25 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की. चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन सिंह के पास से 19.31 करोड़ से ज्यादा नकद रुपया बरामद किया गया था. 
7 मई : ईडी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा. 
8 मई : ईडी ने पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा से पूछताछ करने के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन सिंह को 5 दिनों के लिए रिमांड पर लिया. 
9 मई : पूजा सिंघल को पूछताछ के लिए ईडी ने संबंध जारी करने के साथ-साथ उनके पति अभिषेक झा व चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछताछ लगातार जारी रखा. 
10 मई : चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन सिंह के साथ-साथ पूजा सिंघल व उनके पति अभिषेक झा से ईडी ने कार्यालय में पूछताछ किया. 
11 मई : आईएएस पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया. इससे पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट पूजा सिंघल से दिनभर पूछताछ किया गया.
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आईएएस पूजा सिंघल का झारखंड में कार्यकाल
 
संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा 21 वर्ष की उम्र में ही पूजा सिंघल ने पास की थी. भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2000 बैच की अधिकारी पूजा सिंघल को झारखंड कैडर मिला था. देहरादून की रहने वाली पूजा सिंघल 22 वर्षों के दौरान 19 स्थानों पर अपनी सेवा दी. पूजा सिंघल ने हजारीबाग जिले में बतौर सदर अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी.
– हजारीबाग एसडीओ : वर्ष 2002 से 2004 तक
– संयुक्त सचिव स्वास्थ्य विभाग : 08 सितंबर 2004 से 05 फरवरी 2005 तक
– निदेशक कल्याण विभाग : 06 फरवरी 2005 से 02 अगस्त 2006 तक
– नगर निगम रांची : 21 जुलाई 2005 से 2 अगस्त 2006 तक
– डीसी पाकुड़ : 3 अगस्त 2006 से 16 अगस्त 2007 तक
– निबंधक सहकारिता : 3 अगस्त 2006 से 25 मई 2007 तक
– डीसी चतरा : 16 अगस्त 2007 से 16 सितंबर 2008 तक
– डीसी लोहरदगा : 16 सितंबर 2008 से 11 अक्टूबर 2008 तक
– संयुक्त सचिव योजना विभाग : 13 अक्टूबर 2008 से 29 नवंबर 2008 तक
– परिवहन आयुक्त : 27 नवंबर 2008 से 31 दिसंबर 2008 तक
– निदेशक माध्यमिक शिक्षा : 1 जनवरी 2009 से 16 फरवरी 2009 तक
– डीसी खूंटी : 16 फरवरी 2009 से 19 जुलाई 2010 तक
– डीसी पलामू : 19 जुलाई 2010 से 8 जून 2013 तक
– श्रमायुक्त : 8 जून 2013 से 28 मई 2014 तक
– उद्योग निदेशक : 8 जुलाई 2013 से 28 मई 2014 तक
– ओएसडी मुख्य सचिव : 29 मई 2014 से 27 मार्च 2017 तक
– विशेष सचिव व सचिव कृषि : 28 मार्च 2017 से मई 2020 तक
– पर्यटन खेल सचिव : मई 2020 से 3 अगस्त 2021 तक
– उद्योग व खान सचिव : 4 अगस्त 2021 से 12 मई 2022 तक

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